झूठों ने झूठों से कहा ह सच बोलो,
सरकारी ऐलान हुआ है सच बोलो,
देश के अंदर मंडियां है झूठ की,
पर हर दरवाजे पर लिखा है सच बोलो।
गुलदस्ते पर सफाई से लिखा है झूठ मत बोलो,
गुलदस्ते के अंदर क्या है सच बोलो,
गँगा मैया डूबने वाले अपने थे,
नाऊ में छेद किसने किया है सच बोलो।।
No comments:
Post a Comment